3 विकल्प जिनको भारत को टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करना चाहिए

3 विकल्प जिनको भारत को टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करना चाहिए

भारत के पास अभी टेस्ट के लिए एक मजबूत स्पिन आक्रमण है। हालाँकि, रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा दोनों अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर है।

जड्डू के मामले में, भारत के पास अक्षर पटेल, शाहबाज़ और सौरभ कुमार के रूप में उपयुक्त बैकअप हैं। हालांकि, अश्विन के लिए बहुत कम विकल्प हैं।

जयंत यादव, के गौतम और जलज सक्सेना जैसे अधिकांश विकल्प युवा नहीं हैं और इसलिए भविष्य के लिए उन पर विचार नहीं किया जा सकता हैं।

इसलिए, मैनेजमेंट को जल्द से जल्द अश्विन के उत्तराधिकारी की पहचान करने और तैयार करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

तो आज हम आपको उन 3 विकल्प के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें भारत को टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जाना चाहिए।

1) वाशिंगटन सुंदर

बेशक, यह वाशिंगटन सुंदर होंगे जिन्हें पहले आर अश्विन के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जाएगा। सुंदर अपनी डिफेंसिव गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं और इसलिए वह छोटे प्रारूपों में सफल रहे हैं।

हालांकि क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में एक ऑफ स्पिनर को नियमित रूप से विकेट लेने होते हैं और इसलिए, सुंदर को इस पर काम करना चाहिए। उनके पास ऐसा करने की उम्र और स्किल्स है।

एक बल्लेबाज के रूप में, हालांकि, सुंदर एक अपग्रेड होगा क्योंकि युवा खिलाड़ी अपने राज्य के लिए टॉप आर्डर में खेले है और भारत के लिए अभी तक खेले टेस्ट मैचों में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है।

सुंदर ने भारत के लिए अभी तक 4 टेस्ट मैच खेले है और 66.25 के औसत की मदद से 265 रन अपने खाते में जोड़ने में सफल रहे है। इस दौरान उनके बल्ले से 3 अर्धशतक देखने को मिले है।

वहीं गेंदबाजी करते हुए सुंदर ने 49.83 के औसत की मदद 6 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाने में सफलता पायी है।

2) तनुश कोटियन

तनुश कोटियन उन विकल्पों में से एक हैं जिन्हें भारत को टेस्ट में अश्विन के उत्तराधिकारी के रूप में दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर के रूप में आजमाना चाहिए। मुंबई के लिए खेलते हुए, 24 वर्षीय अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

वह एक ऑलराउंडर भी हैं और मुंबई टीम का अहम हिस्सा हैं। वह अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इसलिए, भारत को उन्हें लगातार भारत ए सेटअप में मौका देना चाहिए।

तनुष ने अपने करियर में अभी तक 11 टेस्ट मैच खेले है और 33.18 के औसत की मदद से 32 बल्लेबाजों को आउट किया है। वहीं बल्लेबाजी करते हुए 34.16 के औसत से 410 रन बनाये है।

3) वैशाख चंद्रन

केरल के वैशाख चंद्रन लंबे प्रारूप के लिए बहुत अनुभवहीन हैं। हालाँकि, भारत के पास इस विशेषता में बहुत ज्यादा विकल्प नहीं हैं। इसलिए, उन्हें प्रतिभाओं की पहचान करनी होगी।

ऐसे में वैशाख उनमें से एक है जिसे अच्छा प्रदर्शन करने के लिए समर्थन दिया जा सकता हैं। उन्होंने अभी तक केवल एक ही फर्स्ट क्लास मैच झारखंड के खिलाफ खेला है और 7 विकेट लिए है। वहीं बल्ले से 10 रन बनाये है।

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