IND vs SL: हार्दिक पंड्या को रोहित शर्मा और एमएस धोनी से सीखनी चाहिए ये 3 बातें, कप्तानी हो जाएगी कमाल!

IND vs SL: हार्दिक पंड्या को रोहित शर्मा और एमएस धोनी से सीखनी चाहिए ये 3 बातें, कप्तानी हो जाएगी कमाल!

भारतीय टीम को दूसरे टी-20 में रोमांचक हार मिली, जबकि पहले टी-20 में करीबी जीत मिली थी। हार्दिक पंड्या ने इन दोनों ही मुकाबलों में कुछ ऐसी गलतियां कीं, जो नहीं करते तो भारत की जीत पक्की होती।

भारतीय टीम में बदलाव की लहर है। इस बात से कई दिग्गज क्रिकेटर इत्तेफाक रखते हैं और अधिकतर यह मानते हैं टी-20 फॉर्मेट का कप्तान हार्दिक पंड्या को बनना है। आज बनें, या 4 महीने बाद बनें, लेकिन यह होगा। कप्तान के तौर पर हार्दिक पंड्या की टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है। उन्हें वाइट बॉल फॉर्मेट में रोहित शर्मा का सिपहसालार नियुक्त किया भी जा चुका है। वह केएल राहुल की जगह ऑफिशली अब टीम इंडिया के उपकप्तान हैं। बांग्लादेश के बाद श्रीलंका के खिलाफ T20 सीरीज में उनकी कप्तानी की टेस्टिंग भी हो रही है।

इसमें कोई शक नहीं कि गुजरात टाइटंस को IPL चैंपियन बनाने वाले हार्दिक पंड्या की कप्तानी दमदार है, लेकिन इसके बावजूद कई ऐसे विभाग हैं, जिनमें उन्हें बेहतर होने की जरूरत है। खासतौर पर रणनीति को लेकर। हार्दिक पंड्या की टीम पहले मुकाबले में जीत सकी, क्योंकि वह लकी थी। अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में 13 रन बचाए। यहां हार्दिक पंड्या भी बॉलिंग कर सकते थे, लेकिन उन्होंने किया नहीं। सवाल है कि क्या वह चोटिल थे ? या फिर उन्हें हार पर बेइज्जती का डर था? असल बात तो हार्दिक ही बता सकते हैं।

1. धोनी-रोहित की तरह मौके पर कैसे जड़ते हैं चौका: खैर, अब उन बातों पर गौर करते हैं, जो वह रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी से सीख सकते हैं। रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी ही नहीं, विराट कोहली (फिलहाल किसी टीम के कप्तान नहीं हैं) तक कप्तान के तौर पर आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी संभालते हैं। बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 में चोटिल होने के बावजूद रोहित शर्मा मैदान पर उतरे और टीम को जीत दिलाते-दिलाते रह गए। उधर धोनी भी यही रणनीति अपनाते हैं। जब भी जरूरत पड़ती है वह मैदान पर होते हैं। इसी वजह से उन्हें फिनिशर कहा जाता है, लेकिन जब आखिरी ओवर डालने का मौका था तो हार्दिक पंड्या पीछे हट गए। उन्होंने अक्षर पटेल को मौका दिया।

2. कप्तान लीडर होता है, इगो के लिए कोई जगह नहीं

3. मैदान और परिस्थिति के अनुसार रणनीति: एमएस धोनी को रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता है। अधिकतर बार ऐसा हुआ कि गेम उनके हिसाब से ही चलती दिखी। इसलिए तो उन्हें सर्वश्रेष्ठ कप्तान भी कहा जाता है। रोहित शर्मा के साथ भी यही है। वह कई मामलों में लकी रहे हैं तो कई बार खुद की रणनीति के दम पर टीम को जीत दिलाई। इधर दूसरे टी-20 में जब टॉस के बाद मुरली कार्तिक ने उन्हें पहले बैटिंग करने वाली टीम को फायदे की बात बताई तो उन्होंने कहा कि यह बात तो पता ही नहीं थी। टीम इंटरनेशनल मैच खेलने जा रही है और उसके साथ हर तरह का स्टाफ है। भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक राहुल द्रविड़ कोच हैं और हार्दिक पंड्या ऐसा बचकाना जवाब दे रहे हैं, जो समझ से परे है।

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