टीम इंडिया में ऑलराउंडर्स ना होने की वजह से संजू सैमसन को ड्रॉप किया गया : वसीम जाफर

टीम इंडिया में ऑलराउंडर्स ना होने की वजह से संजू सैमसन को ड्रॉप किया गया : वसीम जाफर

भारत के पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने भारतीय टीम के न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच के लिए संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप करने का असली कारण बताया. बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज में सैमसन को मौका ना देने के बाद पहले वनडे मैच के लिए उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था. जहां सैमसन ने एक अच्छी पारी खेली लेकिन इसके बावजूद उन्हें दूसरे वनडे के लिए प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया.

भारत ने दूसरे वनडे के लिए प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए. दीपक हुड्डा को सैमसन की जगह दी गई और शार्दुल ठाकुर की जगह दीपक चाहर को मौका मिला.

सैमसन को ड्रॉप कए जाने पर जाफर ने ट्विटर पर अपने विचार रखे, उनका मानना है कि भारत के पास पर्याप्त ऑलराउंडर विकल्प नहीं होने की वजह से गेंदबाजी यूनिट में गहराई लाने के लिए सैमसन को ड्रॉप करना पड़ा.

उन्होंने ट्वीट किया, “संजू को अच्छा खेलने के बावजूद बाहर कर दिया गया क्योंकि हमारे पास पर्याप्त ऑलराउंडर और पार्ट टाइम विकल्प नहीं थे. मेरे विचार कि ऑल राउंडर्स और पार्ट टाइमर्स की कमी क्यों है? #NZvIND #SanjuSamson,”

उन्होंने ये भी महसूस किया कि अभ्यास सेशन के दौरान गेंदबाजी मशीनों और थ्रो डाउन विशेषज्ञों के आने से ऐसे बल्लेबाज कम हो गए हैं जो गेंदबाजी कर सकते हैं.

पूर्व क्रिकेटर ने लिखा, “ऑल राउंडर्स की कमी: हम ऑल राउंडर्स को अच्छी तरह से मैनेज नहीं करते हैं. क्योंकि ज्यादा विकल्प नहीं हैं, हम उन्हें उच्चतम स्तर पर खिलाने में जल्दबाजी करते हैं, लेकिन फिर कुछ खराब मैचों के बाद वे जितनी जल्दी अंदर आए उतनी ही जल्दी बाहर हो जाते हैं. विजय शंकर, वेंकी अय्यर, शिवम दूबे और क्रुनाल पांड्या कुछ उदाहरण हैं. . विकास करते समय धैर्य दिखाने की जरूरत है.”

जाफर ने आगे लिखा, “पार्टटाइम गेंदबाजी विकल्पों की कमी: गेंदबाजी मशीनों और थ्रो डाउन विशेषज्ञों के साथ, बल्लेबाजों ने नेट्स में गेंदबाजी करना बंद कर दिया है.”

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