“जब तक वो क्रिकेट का बादशाह नहीं बन जाता मैं…”, Arjun Tendulkar के लिए हर परीक्षा देने को तैयार हैं युवी के पिता योगराज सिंह, दिया ऐसा बयान

“जब तक वो क्रिकेट का बादशाह नहीं बन जाता मैं…”, Arjun Tendulkar के लिए हर परीक्षा देने को तैयार हैं युवी के पिता योगराज सिंह, दिया ऐसा बयान

टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के अपने रणजी ट्रॉफी डेब्यू में शतक जड़ने के बाद से ही सुर्खियों में है। क्रिकेट बिरादरी के बड़े-बड़े खिलाड़ी उनकी तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं। उनकी इस सफलता का श्रेय कोच योगराज सिंह (Yograj Singh) को जाता है जिन्होंने उनके प्रदर्शन को धार दी और उन्हें सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा है कि वो अर्जुन का पीछा तब तक नहीं छोड़ेगें जब तक कि वो उनको महान प्लेयर ना बना दें।

Yograj Singh चाहते हैं Arjun Tendulkar को महान खिलाड़ी बनाना
टीवी 9 भारतवर्ष को दिए इंटरव्यू के दौरान योगराज सिंह ने कहा कि वो अर्जुन का पीछा तब तक नहीं छोड़ेगें जब तक कि वो उनको महान प्लेयर ना बना दें। उन्होंने कहा,

‘मैं एक बात कहना चाहता हूं कुछ भी हो जाए मैं अर्जुन का पीछा छोड़ने वाला नहीं हूं। उसके लिए मुझे मुंबई जाना पड़े गोवा जाना पड़े या कहीं और मैं अर्जुन तेंदुलकर का पीछा तब तक करूंगा जब तक वो दुनिया का बादशाह प्लेयर नहीं बनता। ये मेरा सपना है मेरे लिए आप लोग दुआ करें।’

Arjun Tendulkar की बल्लेबाजी की Yograj Singh ने की तारीफ
योगराज ने अर्जुन की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि,

‘मुझे हैरानी थी कि कोई उसकी बैटिंग पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा था। वो इतना बड़ा बल्लेबाज बन सकता है जैसा वर्ल्ड क्रिकेट में अबतक नहीं आया है। उसकी जो कद-काठी है उसकी जो ताकत है। उसके खून में जो क्रिकेट है वो दुनिया का बादशाह क्रिकेटर बनेगा आप मेरी बात याद रखना।’

अर्जुन के कोच को Yograj Singh ने दी थी सलाह
योगराज सिंह ने आगे कहा कि,

‘आप विश्वास नहीं करोगे जिस ताकत से अर्जुन बल्लेबाजी कर रहा था मुझे हैरानी हुई कि कोई उसकी बैटिंग पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। मैंने उसके कोच को बुलाकर कहा कि आपके पास इतना बड़ा प्लयेर बतौर बल्लेबाज है। इसको ओपन करवाओ। इस बच्चे में इतनी आग है कोई इसपर ध्यान नहीं दे रहा है। उसने मेरी बात सुननी शुरू की हमनें बातें शुरू की और वो बातें घंटो भर चलती रही।’

अर्जुन तेंदुलकर ने गोवा की ओर से खेलते हुए रणजी डेब्यू मैच में शतक ठोका। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आया इस बल्लेबाज ने 120 रनों की पारी खेली। उनके पिता ने भी 1988 में रणजी डेब्यू में सेंचुरी बनाई थी। अब 34 साल बाद उनके बेटे अर्जुन ने भी ये कारनामा कर डाला है।

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